जब किसी और से चोट खाई,
सिर्फ तभी मेरी याद आई I
ज़ख्म मिले, तो साथ बिताये सारे पल याद आ गए,
वरना मेरी फ़िक्र तो छोड़ो, मेरे नाम तक ख्यालों में ना आए II
जब किसी और से चोट खाई,
सिर्फ तभी मेरी याद आई I
ज़ख्म मिले, तो साथ बिताये सारे पल याद आ गए,
वरना मेरी फ़िक्र तो छोड़ो, मेरे नाम तक ख्यालों में ना आए II